केन - बेतवा नदी गठजोड़ और बांधो का दंश

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About This social media face book page for Drought area UP-MP Bundelkhand region River link project ( Ken -Betva ) impact and after nature Disaster crisis !
Description Water War for bundelkhand region @ Water crisis with Ken - Betva river link ?
25 अगस्त 2005 को मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने संयुक्त हस्ताक्षर करके इस केन - बेतवा नदी गठजोड़ परियोजना के दस्तावेजो पर अपनी सहमती दर्ज की थी l
विश्व बैंक के कर्जे से 11 हजार करोड़ रूपये की ये परियोजना एक ऐसे सूखा प्रभावित और परती जमीनों पर बनाये जाने की तैयारी है जिसके बन जाने के बाद तालबेहट के माता टीला बांध , धसान नदी मध्यप्रदेश में बने बांधो की म्रत्यु के साथ 8500 आदिवासी किसानो के तबाही की कहानी प्रारंभ हो जाएगी l भारत के तमाम पर्यावरण विद , सामाजिक कार्यकर्ता , सूचनाधिकार एक्टिविस्ट , पूर्व कांग्रेसी पर्यावरण केन्द्रीय मंत्री श्री जयराम रमेश के असहमति के बाद भी वर्तमान मोदी सरकार ने इसको हरी झंडी दे दी है l केन्द्रीय जल संसाधन और गंगा पुनर्जागरण अभियान मंत्री उमा भारती भी बुंदेलखंड के इस नदी गठजोड़ परियोजना के लिए जल्द बाजी में दिख रही है l इस नदी गठजोड़ से मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर के बिजावर तहसील के 10 आदिवासी ग्राम विस्थापित हो रहे है l उनकी संस्कृति के पलायन के साथ उनके कृषि , भोजन के अधिकार , शिक्षा के अधिकार , सामाजिक सुरक्षा के अधिकार पर यक्ष प्रश्न खड़ा होने जा रहा है l इसकी सीम में पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क भी है जिसके अन्दर बसे है चार आदिवासी ग्राम l आये इस तूफान की दस्तक पर मंथन करे l जो ग्राम पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क की सीमा में है उनमे मैनारी , खरयानी , पलकोहा , दौधन है l दौधन ग्राम में ही ग्रेटर गंगऊ बांध बनाया जाना है l
Mission Stop Water War in bundelkhand region over all
Web site http://www.bundelkhand.in/portal/a/prawas
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