हिन्दुत्व सिँहनाद

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आओ हम सनातन पथ पर लौट चलें। हमें गर्व है अपने हिन्दू होने पर,गर्व से कहो 'हम हिन्दू हैं '।
Description Mission
We Believe:-
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श्लोक :
धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः ।
तस्माद्धर्मो न हन्तव्यः मानो धर्मो हतोवाधीत् ॥
- मनुस्मृति

English Transliteration:
Dharma Eva Hato Hanti Dharmo Rakshati Rakshitaha!
Tasmat Dharmo Na Hantavyo Mano Dharmo Hatho Vadid.
-Manu Smriti

Meaning:
Dharma, when destroyed, destroys; Dharma protects when it is protected.
Therefore Dharma must not be violated, Otherwise violated Dharma destroys us.
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As per Mahabharata, “Dharma eva hato hanti/ Dharmo rakshati rakshitah” (One who destroys Dharma is destroyed by Dharma/ One who protects Dharma is protected by Dharma). For thousands of years, Hindus protected Dharma, and Dharma in turn protected them. But now most Hindus have forsaken their Dharma. And Dharma too has forsaken them. Though as per Arnold Toynbee, “Civilizations die from suicide, not murder”, a unilateral war against Hinduism is being waged by anti-Hindu forces to wipe out Hinduism from earth the way other native cultures and religions have been obliterated from the world.
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Let us all return to the Eternal Truth Of Sanatan Dharm. Say it with Pride that we are Hindu's, 'Proud To Be A Hindu'. आओ हम सनातन पथ पर लौट चलें। हमें गर्व है अपने हिन्दू होने पर,गर्व से कहो 'हम हिन्दू हैं '।
Description
जिस हिन्दू ने नभ में जाकर, नक्षत्रो को दी है
संज्ञा.
जिसने हिमगिरी का वक्ष चीर, भू को दी है
पावन गंगा.
जिसने सागर की छाती पर,
पाषानो को तैराया है.
हर वर्तमान की पीड़ा को, जिसने इतिहास
बनाया है.
जिसके आर्यों ने घोष किया,
"कृण्वन्तो विश्वमार्यम" का.
जिसका गौरव कम कर न सकी, रावण
की स्वर्णमयी लंका.
जिसके यज्ञो का एक हव्य, सौ-
सौ पुत्रोँ का जनक रहा.
जिसके आँगन में भयाक्रांत,
धनपति बरसाता कनक रहा.
जिसके पावन बलिष्ठ तन की, रचना तन दे
दाधीच ने की.
राघव ने वन-वन भटक-भटक, जिस तन में प्राण
प्रतिष्ठा की.
जौहर कुंडो में कूद-कूद , सतियो ने जिसमे
दिया सत्व.
गुरुवो-गुरु पुत्रो ने जिसमे, चिर बलिदानी भर
दिया तत्व.
वो शाश्वत हिन्दू जीवन क्या, स्मरणीय
मात्र रह जाएगा?
इसका पावन गंगा का जल, क्या नालो में बह
जाएगा?
इसके गंगाधर शिवशंकर, क्या ले
समाधि सो जायेंगे?
इसके पुष्कर, इसके प्रयाग, क्या गर्त मात्र
रह जायेंगे?
यदि तुम ऐसा नहीं चाहते,
तो तुमको जगना होगा.
हिन्दू राष्ट्र का बिगुल बजाकर, दानव दल
को दलना होगा.
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